Etihad Promises to give INR 750 Crores assistance to Jet Airways

Etihad Promises to give INR 750 Crores assistance to Jet Airways
Said: Jet's promoter Naresh Goyal's share to be  limited to 22%
Goyal and his family own 51% stake in Jet Airways

Differences between Jet Airways and Jet Airways, which hold 24% stake in Jet Airways, have increased.
 This has stalled Jet's help worth Rs 750 crore from Etihad.
On the other hand, the banks are confident that by next week some solutions will definitely come out.
A senior SBI official said this hope on Friday.
Abu Dhabi's Airline Etihad has laid down certain conditions for providing financial assistance to Jet.
It includes the condition of limiting the shareholding of Jait founder Naresh Goyal to 22 percent.
Goyal had earlier agreed on this.
But in the letter written to Etihad on March 8, he insisted on the removal of this condition.
Because of this, the Board of Etihad has not given a green signal to the investment plan of Rs. 750 crores.
The Indian banks, which have lented Jet to the Jet, also say that till Goyal's share is not brought down from 51%, they will not give new loans to the jet.
He also wants to go out of Goyal's airline management.

Bank officials say that Jodhomar's ability to save Jet is largely on Etihad's investment.
If Etihad does not invest then there will be no deal about Jet.

Etihad Rs 1800 crore To capitalize, stake will increase to 24.9%
According to the plan presented to the group of banks, Etihad will invest Rs 1,800 crore in Jet.
This will increase its stake to 24.9%.
Naresh Goyal, promoter of the company, has to pay Rs. 750 crores.
Another investor will invest Rs 3,800 crore.
 Now Goyal and his family own 51% stake in Jet Airways.

The two aircraft carriers on the lease want to take back aircraft
Aircraft companies on lease have become disturbed by the increase in arrears on Jet Airways.
Therefore, they have started the process of finishing the lease agreement.
They are preparing to withdraw their aircraft.
Two leasing companies have applied for aviation regulator DGCA to register 5 aircraft.
DGCA has to apply for finishing the lease agreement. Sources said this information on Friday.

Jet has a total of 120 aircraft, 50 stand still
Jet Airways is unable to lease its planes lease. As a result, 50 of its 120 aircraft have been raised.
Goyal had written to the investors a few days ago if all the aircraft in the airline can stand if there was delay in providing the money.
This could lead to a question mark on the future of Jet Airways. There are many world's big companies in companies leasing jet to Jet.
These include GE Capital Aviation Services (GECAS), Ercap Holdings and BOC Aviation.

Delay in salary, pilot disturbed, wrote a letter to the government
Jet Airways has not been able to pay its pilots, suppliers and leasing companies since July last year.
According to the news agency, pilots of Jet raised the issue of delay in salary by writing to the Labor Ministry.

Jet Airways debt has risen to INRs 8,000 Crore
By the end of March, it has to pay a sum of Rs. 1700 crores.
In the beginning of this week, he missed a foreign loan payment.
He has not done any default till now in the payment of domestic loan.

In December, it had delayed payments, but after that it is paying.










जेट एयरवेज को 750 करोड़ रुपए की मदद देने के लिए एतिहाद ने शर्त रखी
कहा- जेट के प्रमोटर नरेश गोयल की हिस्सेदारी 22% तक सीमित हो
अभी गोयल और उनके परिवार की जेट एयरवेज में 51% हिस्सेदारी
मुंबई. संकटग्रस्त जेट एयरवेज और इसमें 24% हिस्सेदारी रखने वाली एतिहाद एयरवेज के बीच मतभेद बढ़ गए हैं।
 इससे जेट को एतिहाद से मिलने वाली 750 करोड़ रुपए की मदद अटक गई है। 

दूसरी तरफ बैंकों को भरोसा है कि अगले हफ्ते तक कुछ न कुछ हल जरूर निकल आएगा। 
एसबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह उम्मीद जताई।
अबुधाबी की एयरलाइन एतिहाद ने जेट को आर्थिक मदद मुहैया कराने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। 
इसमें जेट के संस्थापक चेयरमैन नरेश गोयल की हिस्सेदारी को 22 फीसदी तक सीमित करने की शर्त भी शामिल है। 
गोयल पहले इस पर सहमत हो गए थे। 
लेकिन 8 मार्च को एतिहाद को लिखे पत्र में उन्होंने इस शर्त को हटाने पर जोर दिया था। 

इसके चलते से एतिहाद के बोर्ड ने 750 करोड़ की निवेश योजना को हरी झंडी नहीं दी है।
जिन भारतीय बैंकों ने जेट को कर्ज दे रखा है उनका भी कहना है कि जब तक गोयल की हिस्सेदारी 51% से नीचे नहीं लाई जाती, वो जेट को नया कर्ज नहीं देंगे। 
वह यह भी चाहते हैं कि गोयल एयरलाइन के मैनेजमेंट से हट जाएं।

बैंक अधिकारियों का कहना है कि जेट को बचाने का दारोमदार काफी हद तक एतिहाद के निवेश पर टिका है। 
अगर एतिहाद निवेश नहीं करती तो जेट को लेकर कोई डील नहीं होगी।

एतिहाद को 1800 करोड़ रु. की पूंजी लगानी है, हिस्सेदारी बढ़कर 24.9% होगी
बैंकों के समूह को पेश किए प्लान के मुताबिक एतिहाद जेट में 1,800 करोड़ रुपए निवेश करेगी। 
इससे उसकी हिस्सेदारी बढ़कर 24.9% हो जाएगी। 
कंपनी के प्रमोटर नरेश गोयल को 750 करोड़ रुपए लगाने हैं। 
3,800 करोड़ रुपए अन्य निवेशक लगाएंगे।
 अभी गोयल और उनके परिवार की जेट एयरवेज में 51% हिस्सेदारी है।

जेट को लीज पर विमान देने वाली 2 कंपनियां विमान वापस लेना चाहती हैं
लीज पर विमान देने वाली कंपनियां जेट एयरवेज पर बकाया बढ़ने से परेशान हो गई हैं। 
इसलिए उन्होंने लीज एग्रीमेंट खत्म की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 
वे अपने विमान वापस लेने की तैयारी कर रही हैं। 
दो लीजिंग कंपनियों ने 5 विमान डि-रजिस्टर करने के लिए एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए के पास अर्जी दी है। 
लीज एग्रीमेंट खत्म कराने डीजीसीए के पास आवेदन करना पड़ता है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

जेट के पास कुल 120 विमान हैं, 50 अब तक खड़े किए जा चुके
जेट एयरवेज अपने विमानों का लीज रेंट नहीं चुका पा रही है। इसके चलते उसके 120 में से 50 विमान खड़े हो चुके हैं। 
कुछ दिनों पहले गोयल ने निवेशकों को पत्र में लिखा था यदि रकम मुहैया कराने में देर हुई तो एयरलाइन के सारे विमान खड़े हो सकते हैं। 
इससे जेट एयरवेज के भविष्य पर सवालिया निशान लग सकता है। जेट को विमान लीज पर देने वाली कंपनियों में कई दुनिया की बड़ी कंपनियां हैं। 
इनमें जीई कैपिटल एविएशन सर्विसेज (जीईसीएएस), एरकैप होल्डिंग्स और बीओसी एविएशन शामिल हैं।

सैलरी में देरी से पायलट परेशान, सरकार को चिट्ठी लिखी
पिछले साल जुलाई से जेट एयरवेज अपने पायलटों, सप्लायरों और लीज कंपनियों को भुगतान नहीं कर पा रही है। 
न्यूज एजेंसी के मुताबिक जेट के पायलटों ने श्रम मंत्रालय को पत्र लिखकर सैलरी में देरी का मुद्दा उठाया है।

जेट एयरवेज कर्ज बढ़कर 8,000 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। 
मार्च अंत तक उसे 1,700 करोड़ रुपए की किस्त चुकानी है। 
इस हफ्ते की शुरुआत में उसने एक विदेशी कर्ज के भुगतान में चूक की है। 
घरेलू कर्ज की अदायगी में उसने अब तक कोई डिफॉल्ट नहीं किया है। 

दिसंबर में इसने भुगतान में देरी की थी, लेकिन उसके बाद भुगतान कर रही है।

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